आजकल खराब खानपान, देर तक बैठकर काम करना और भागदौड़ भरी जिंदगी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। इसका असर अब सिर्फ बुजुर्गों पर नहीं, बल्कि युवाओं और कामकाजी लोगों पर भी साफ दिखने लगा है। अपोलो हॉस्पिटल की हेल्थ ऑफ द नेशन 2026 रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में बड़ी संख्या में लोग ऐसी बीमारियों के खतरे में हैं, जिनके लक्षण अभी दिखाई भी नहीं दे रहे।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में 10 में से 8 कामकाजी लोग ओवरवेट यानी जरूरत से ज्यादा वजन वाले हैं। कई लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हैं, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है।
युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
रिपोर्ट में बताया गया है कि 30 साल से कम उम्र के युवाओं में भी सेहत से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। हर 5 में से 1 युवा प्रीडायबिटीज की स्थिति में पाया गया। इसका मतलब है कि आगे चलकर उसे डायबिटीज हो सकती है।
अच्छी बात यह रही कि जिन युवाओं ने समय रहते खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव किया, उनमें से कई लोग फिर से सामान्य स्थिति में लौट आए। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ यह आसान नहीं रहता।
जांच में यह भी सामने आया कि आधे से ज्यादा युवा ओवरवेट थे और बहुत से लोगों का कोलेस्ट्रॉल भी सामान्य से ज्यादा था। इसके अलावा हर 10 में से लगभग 7 लोगों में विटामिन D की कमी और करीब आधे लोगों में विटामिन B12 की कमी पाई गई।
कामकाजी लोगों की सेहत सबसे ज्यादा खराब
औसतन 38 साल उम्र वाले कामकाजी लोगों की जांच में कई चिंताजनक बातें सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक:
- 10 में से 8 लोग ओवरवेट पाए गए
- लगभग हर दूसरा व्यक्ति प्रीडायबिटीज या डायबिटीज का शिकार था
- हर 4 में से 1 व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर का वजन बढ़ना अक्सर आने वाली बीमारियों का पहला संकेत होता है। लेकिन लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
महिलाओं में दिखीं अलग तरह की स्वास्थ्य समस्याएं
महिलाओं में भी कुछ खास तरह की परेशानियां देखने को मिलीं। रिपोर्ट के अनुसार, कई महिलाओं में खून की कमी (एनीमिया) पाई गई। उम्र बढ़ने के साथ पेट के आसपास चर्बी बढ़ने की समस्या भी ज्यादा देखी गई।
इसके अलावा, 40 साल से ऊपर की महिलाओं की जांच में कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर भी पाया गया, जबकि उनमें कोई लक्षण नहीं थे। इससे पता चलता है कि समय-समय पर जांच करवाना कितना जरूरी है।
फैटी लिवर की बीमारी चुपचाप बढ़ रही
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फैटी लिवर की बीमारी कई लोगों में बिना किसी संकेत के बढ़ रही है। हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोगों की ब्लड रिपोर्ट सामान्य थी, लेकिन अल्ट्रासाउंड में फैटी लिवर निकला।यानी सिर्फ शरीर ठीक लगने का मतलब यह नहीं कि अंदर सब ठीक ही हो।
समय रहते सुधार करना है जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अच्छी बात यह है कि ज्यादातर लोग अभी ऐसे दौर में हैं, जहां बीमारी को रोका जा सकता है। इसके लिए रोज थोड़ी एक्सरसाइज, सही खाना, पर्याप्त नींद और समय-समय पर हेल्थ चेकअप बहुत जरूरी है।
यह रिपोर्ट साफ बताती है कि अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो छोटी दिखने वाली समस्याएं आगे चलकर बड़ी बीमारी बन सकती हैं। इसलिए अपनी सेहत को हल्के में लेने की गलती न करें।