Motion Sickness in Hindi: मोशन सिकनेस (यात्रा के समय उल्टी जैसा महसूस होना) कोई नई समस्या नहीं है। जब हम कार, बस, ट्रेन, हवाई जहाज या झूले में बैठते हैं, तो कुछ लोगों को चक्कर, मतली, पसीना आना, उल्टी की इच्छा, थकान और चेहरा पीला पड़ने जैसी समस्याएँ होती हैं। कुछ लोग वीडियो गेम या वर्चुअल रियलिटी हेडसेट का उपयोग करते समय भी ऐसी परेशानी महसूस करते हैं, जिसे साइबर सिकनेस कहा जाता है।
मोशन सिकनेस(Motion Sickness) क्यों होती है?
मोशन सिकनेस रियल या महसूस की गई गति के कारण होती है। इसका मुख्य कारण हमारे दिमाग और शरीर के बीच तालमेल का बिगड़ना होता है। हमारे कानों में एक वेस्टीबुलर सिस्टम होता है, जो संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जब हम चलती गाड़ी में होते हैं, तो यह सिस्टम शरीर को संदेश भेजता है कि हम हिल रहे हैं, लेकिन हमारी आँखें स्थिर चीजों को देख रही होती हैं। इस अंतर के कारण दिमाग भ्रमित होता है और चक्कर, मतली जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। रोचक बात यह है कि जिन लोगों के कान का यह हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है, उन्हें मोशन सिकनेस नहीं होती।
क्यों कुछ लोगों को मोशन सिकनेस ज्यादा होती है?
बहुत हिलने-डुलने वाली यात्रा में लगभग सभी को मोशन सिकनेस हो सकती है, परंतु कुछ लोग ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
- महिलाओं को यह पुरुषों की तुलना में अधिक होती है, खासकर हार्मोनल बदलाव (प्रेग्नेंसी या मासिक धर्म) के दौरान।
- वर्टिगो और माइग्रेन जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों में भी यह समस्या अधिक होती है।
- बच्चों में यह 6–9 साल की उम्र में सबसे अधिक होती है और उम्र बढ़ने के साथ कम होती जाती है।
- गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति को मोशन सिकनेस कम होती है क्योंकि उनका दिमाग गाड़ी के मूवमेंट का अनुमान लगा सकता है, जबकि यात्रियों को अधिक होती है।
क्या सभी यातायात साधनों में मोशन सिकनेस होती है?
धीमी, ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं होने वाली गति मोशन सिकनेस का मुख्य कारण बनती है।
- हवाई यात्रा में टर्बुलेंस के समय, या समुद्र में बड़ी लहरों के दौरान लोग ज्यादा बीमार महसूस कर सकते हैं।
- हाल की रिपोर्टों में बताया गया है कि इलेक्ट्रिक वाहन में भी मोशन सिकनेस अधिक हो सकती है क्योंकि इनकी तेजी से गति पकड़ने की क्षमता और वाहन की शांति दिमाग को संकेत देने में भ्रम पैदा करती है।
- जब इलेक्ट्रिक वाहन ऑटोनॉमस मोड में होते हैं, तब ड्राइवर भी यात्रियों की तरह मोशन सिकनेस का अनुभव कर सकता है।
मोशन सिकनेस से कैसे बचा जा सकता है?
कुछ लोगों में यह समस्या जीवन भर रहती है, लेकिन इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
- खराब मौसम में यात्रा से बचें।
- खिड़की से बाहर देखें और स्थिर चीजों पर ध्यान केंद्रित करें।
- मोबाइल फोन या किताब पढ़ने से बचें।
- आगे की सीट पर बैठें।
- खुद गाड़ी चलाएँ।
- गहरी सांस लेने और मन को शांत करने का अभ्यास करें।
दवाओं से मदद मिल सकती है। एंटीहिस्टामिन जैसी दवाएं लक्षणों को कम कर सकती हैं। डॉक्टर की सलाह से स्किन पैच या अन्य दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। कुछ लोग अदरक या प्रेशर बैंड्स का भी उपयोग करते हैं।
क्या मोशन सिकनेस खत्म हो सकती है?
कुछ मामलों में, बार-बार यात्रा करने से शरीर इसमें अभ्यस्त हो जाता है और मोशन सिकनेस कम हो जाती है।
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